पौधे

पुष्प बाज़ार

सप्ताहांत में लगने वाला फूलों का बाज़ार केवल फूल खरीदने की जगह नहीं होता, बल्कि बदलते मौसम, रंगों और खुशबू को करीब से महसूस करने का एक सुंदर अवसर भी है।
अक्सर हम पूरे साल एक ही तरह के गुलाब, गेंदे या दूसरे पसंदीदा फूल खरीदते रहते हैं, जबकि हर मौसम अपने साथ अलग रंग और अलग किस्म के फूल लेकर आता है। बाज़ार में उपलब्ध फूलों पर थोड़ा ध्यान दिया जाए, तो घर की सजावट में बिना बहुत खर्च किए हर कुछ समय बाद नया रूप लाया जा सकता है।

मौसम के फूल चुनें

फूल खरीदते समय सबसे पहले मौसम पर ध्यान दें। अलग-अलग मौसम में अलग फूल अच्छी तरह खिलते हैं और उसी समय बाज़ार में उनकी विविधता भी अधिक दिखाई देती है। मौसमी फूल आमतौर पर ताज़े, आकर्षक और प्राकृतिक रूप से सुंदर लगते हैं। इसलिए हर बार अपनी पसंद के एक ही फूल पर टिके रहने के बजाय उस समय उपलब्ध नए फूलों को आज़माना बेहतर विकल्प हो सकता है।

बाज़ार को ध्यान से देखें

फूलों के बाज़ार में पहुँचकर सीधे वही फूल न खरीदें जिन्हें आप हर सप्ताह लेते हैं। पहले पूरे बाज़ार का एक चक्कर लगाएँ और अलग-अलग दुकानों पर उपलब्ध फूलों को देखें। कहीं छोटे जंगली फूल मिल सकते हैं, तो कहीं लंबी डंठल वाले फूल या सुगंधित किस्में दिखाई दे सकती हैं। थोड़ी देर निरीक्षण करने से आपको ऐसे फूल भी मिल सकते हैं, जिनके बारे में आपने पहले कभी नहीं सोचा था।

रंगों में बदलाव लाएँ

घर की सजावट में ताज़गी लाने का सबसे आसान तरीका फूलों के रंग बदलना है। यदि आप हमेशा सफेद या लाल फूल लेते हैं, तो इस बार पीले, गुलाबी, नारंगी या बैंगनी रंग आज़माएँ। अलग-अलग रंग कमरे के वातावरण को भी अलग रूप देते हैं। हल्के रंग शांत और कोमल एहसास दे सकते हैं, जबकि चमकीले रंग कमरे में ऊर्जा और उत्साह का वातावरण बना सकते हैं।

फूलों के साथ हरियाली

केवल फूलों का गुलदस्ता बनाने के बजाय उसमें कुछ हरी पत्तियाँ और पतली टहनियाँ भी शामिल करें। हरियाली फूलों के रंग को उभारती है और गुलदस्ते को अधिक प्राकृतिक रूप देती है। बाज़ार में फूल खरीदते समय आसपास रखी पत्तेदार टहनियों पर भी ध्यान दें। कई बार थोड़ी-सी हरियाली जोड़ने से साधारण फूलों का गुच्छा भी अधिक आकर्षक दिखाई देने लगता है।

अलग आकार आज़माएँ

हर सप्ताह एक जैसे गोल और घने गुलदस्ते की जगह अलग आकार की सजावट आज़माई जा सकती है। कुछ लंबे फूलों को बीच में रखते हुए छोटे फूलों को उनके आसपास सजाएँ। कभी केवल छोटे फूलों का गुच्छा बनाएँ और कभी कुछ खुली शाखाओं को शामिल करें। इससे घर की सजावट में लगातार बदलाव दिखाई देगा और एक ही तरह के फूलों से होने वाली एकरसता भी कम होगी।

खुशबू का चुनाव करें

फूलों की सुंदरता केवल उनके रंग और आकार में नहीं होती, उनकी सुगंध भी वातावरण को बदल सकती है। बाज़ार में ऐसे फूल मिलें जिनमें हल्की प्राकृतिक खुशबू हो, तो उन्हें घर के बैठक या प्रवेश स्थान के लिए चुना जा सकता है। भोजन की मेज़ के लिए बहुत तेज़ सुगंध वाले फूलों से बचना बेहतर है, ताकि उनकी खुशबू भोजन की सुगंध पर हावी न हो।

स्थानीय फूलों को मौका दें

बड़े और प्रसिद्ध फूलों के साथ स्थानीय रूप से उगाए जाने वाले फूलों को भी आज़माएँ। छोटे स्थानीय फूल कई बार बेहद सुंदर और विशिष्ट दिखाई देते हैं। इनके रंग और आकार मौसम के अनुसार बदलते रहते हैं, इसलिए हर सप्ताहांत बाज़ार में कुछ नया देखने को मिल सकता है। स्थानीय फूलों को चुनना घर की सजावट को अधिक प्राकृतिक और आसपास के मौसम से जुड़ा हुआ एहसास देता है।

कम मात्रा में खरीदें

हर बार बहुत सारे फूल खरीदना ज़रूरी नहीं है। कुछ ताज़े फूलों का छोटा-सा गुच्छा भी कमरे में बड़ा बदलाव ला सकता है। कम मात्रा में खरीदने का एक लाभ यह भी है कि आप अधिक बार अलग-अलग फूल आज़मा सकते हैं। इस तरह हर सप्ताह या कुछ दिनों बाद सजावट का रूप बदलता रहेगा और आपको एक ही फूल को लंबे समय तक देखने की आदत नहीं पड़ेगी।

फूलों की ताज़गी पहचानें

बाज़ार में फूल चुनते समय उनकी ताज़गी अवश्य जाँचें। डंठल बहुत नरम या चिपचिपे न हों और पत्तियाँ मुरझाई हुई न दिखाई दें। पंखुड़ियों पर अत्यधिक भूरे या सूखे किनारे हों, तो ऐसे फूलों से बचना बेहतर है। ताज़े फूल घर पहुँचने के बाद उचित देखभाल मिलने पर अधिक समय तक सुंदर बने रह सकते हैं।

पुराने फूलों से अलग सोचें

यदि घर में हर सप्ताह एक ही जगह एक ही प्रकार के फूल रखे जाते हैं, तो उनकी जगह बदलकर भी नया प्रभाव बनाया जा सकता है। कभी फूलदान को भोजन की मेज़ पर रखें, कभी खिड़की के पास या बैठक के किसी कोने में। फूलों की जगह बदलने और नई किस्में चुनने से बिना किसी बड़े बदलाव के घर का वातावरण अलग दिखाई दे सकता है।

फूलदान भी बदलें

नए फूलों के साथ हर बार नया फूलदान खरीदने की आवश्यकता नहीं है। घर में मौजूद अलग आकार के पात्रों का उपयोग किया जा सकता है। लंबे फूलों के लिए ऊँचा फूलदान और छोटे फूलों के लिए चौड़ा पात्र अच्छा लग सकता है। पारदर्शी काँच, मिट्टी या साधारण धातु के पात्र भी फूलों के अनुसार अलग-अलग रूप दे सकते हैं।

सप्ताहांत की नई आदत

फूलों के बाज़ार जाना सप्ताहांत की एक छोटी और सुखद आदत बन सकता है। परिवार के साथ जाएँ या अकेले, हर बार एक ऐसी फूलों की किस्म चुनने का प्रयास करें जिसे पहले घर में न सजाया हो। इससे फूल खरीदना केवल आवश्यकता पूरी करने का काम नहीं रहेगा, बल्कि प्रकृति के बदलते रंगों को जानने और घर में उन्हें लाने का आनंद भी मिलेगा।

बजट में भी बदलाव

नई सजावट के लिए हर बार अधिक पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती। मौसम में आसानी से उपलब्ध फूलों की छोटी मात्रा खरीदकर भी सुंदर व्यवस्था बनाई जा सकती है। एक ही गुलदस्ते में महंगे फूलों के साथ कम कीमत वाले छोटे फूल और हरियाली मिलाने से संतुलित सजावट तैयार हो सकती है। इस तरह सीमित बजट में भी घर का रूप बार-बार बदला जा सकता है।

एक ही फूल तक सीमित न रहें

फूलों का बाज़ार हर सप्ताह एक नई संभावना सामने ला सकता है। इसलिए केवल परिचित फूलों तक सीमित रहने के बजाय कभी-कभी बिल्कुल अलग रंग, आकार या सुगंध वाली किस्म घर लाएँ। हो सकता है कि वही अनजान फूल आगे चलकर आपका पसंदीदा बन जाए। बदलते मौसम के साथ फूलों का चुनाव बदलना घर की सजावट में स्वाभाविक ताज़गी बनाए रखने का सरल तरीका है।

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