पौधे
छायादार हरियाली
घर के कोने के लिए सही पौधा
घर में हरियाली लाने के लिए बड़ी खिड़की, खुली धूप या रोज़ाना देखभाल की आवश्यकता नहीं होती। सही पौधा चुन लिया जाए तो कम रोशनी वाले कोने में भी प्राकृतिक सुंदरता लाई जा सकती है।
यदि आप अक्सर पानी देना भूल जाते हैं या घर के किसी हिस्से में सीधी धूप नहीं पहुँचती, तो छाया सहने वाले और कम देखभाल में पनपने वाले पौधे आपके लिए उपयोगी हैं। अज़ेलिया की रंगीन झाड़ियाँ और गमलों में लगे बोनसाई आकर्षक दिखाई देते हैं, लेकिन घर के भीतर लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए उनकी जरूरतों को समझना जरूरी है।
कम रोशनी में पनपने वाले पौधे
यदि आपके कमरे में दिनभर सीधी धूप नहीं आती, तो मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, ज़ीज़ी पौधा और स्पाइडर प्लांट अच्छे विकल्प हो सकते हैं। स्नेक प्लांट की लंबी, खड़ी पत्तियाँ आधुनिक सजावट के साथ सुंदर लगती हैं। ज़ीज़ी पौधा अपनी चमकदार पत्तियों के कारण आकर्षक दिखाई देता है और कम रोशनी में भी बढ़ सकता है। मनी प्लांट को किसी ऊँचे गमले या सहारे के पास रखकर कोने को हरियाली से सजाया जा सकता है।
हालाँकि, कम रोशनी सहने का अर्थ यह नहीं कि पौधे को बिल्कुल प्रकाश की जरूरत नहीं है। प्राकृतिक रोशनी वाले स्थान से कुछ दूरी पर रखा पौधा भी समय के साथ कमजोर पड़ सकता है। इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें जहाँ दिन में अप्रत्यक्ष प्राकृतिक प्रकाश मिलता हो।
पानी देना भूल जाते हैं तो क्या चुनें?
व्यस्त दिनचर्या वाले लोगों के लिए स्नेक प्लांट और ज़ीज़ी पौधा विशेष रूप से उपयोगी हैं। इनके मोटे भागों में पानी जमा रहता है, इसलिए इन्हें बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती। मिट्टी सूखने के बाद ही पानी देना बेहतर है। मौसम, गमले के आकार और कमरे के तापमान के अनुसार पानी देने का अंतर बदल सकता है। कोई निश्चित साप्ताहिक नियम हर पौधे पर लागू नहीं होता।
पानी देने से पहले उँगली से मिट्टी की ऊपरी दो से तीन सेंटीमीटर परत जाँचें। यदि मिट्टी नम है, तो कुछ समय प्रतीक्षा करें। यदि वह सूखी है, तो धीरे-धीरे पानी डालें, जब तक अतिरिक्त पानी गमले के नीचे बने छेद से बाहर न निकलने लगे। तश्तरी में जमा पानी निकाल दें। लगातार गीली मिट्टी जड़ों को नुकसान पहुँचा सकती है और पौधे की पत्तियाँ पीली पड़ सकती हैं।
अज़ेलिया और बोनसाई की खासियत
अज़ेलिया अपने गुलाबी, लाल, सफेद या बैंगनी फूलों के लिए जाना जाता है। फूलों से लदी इसकी झाड़ी घर और बगीचे दोनों में आकर्षक लगती है। फिर भी इसे कम देखभाल वाले पौधे के रूप में चुनने से पहले सावधानी बरतें। अज़ेलिया को सामान्यतः पर्याप्त उजाला, ठंडी परिस्थितियाँ और हल्की नम लेकिन जलभराव से मुक्त मिट्टी पसंद होती है। गर्म, सूखे कमरे में इसे लंबे समय तक स्वस्थ रखना कठिन हो सकता है। इसलिए इसे खरीदने से पहले पौधे की किस्म और उसकी घरेलू परिस्थितियों के अनुकूलता की जानकारी लें।
बोनसाई छोटे पात्र में उगाया गया ऐसा वृक्ष है जिसे विशेष छँटाई और आकार देकर विकसित किया जाता है। इसका छोटा आकार इसे मेज या सजावटी कोने के लिए उपयुक्त बनाता है, लेकिन यह आवश्यक नहीं कि इसकी देखभाल आसान हो। विभिन्न बोनसाई प्रजातियों की जरूरतें अलग होती हैं। चीनी एल्म जैसे कुछ बोनसाई घर के भीतर सीमित समय तक रखे जा सकते हैं, जबकि कई अन्य वृक्षों को बाहर की प्राकृतिक परिस्थितियाँ चाहिए।
गमला और मिट्टी चुनने का सही तरीका
स्वस्थ पौधे की शुरुआत सही गमले और मिट्टी से होती है। ऐसा गमला चुनें जिसके नीचे पानी निकलने के लिए छेद हों। बिना निकासी वाले पात्र में पानी जमा होने से जड़ें सड़ सकती हैं। सजावटी बाहरी गमले का उपयोग कर रहे हैं, तो पौधे के अंदरूनी गमले को पानी देने के बाद बाहर निकालकर अतिरिक्त पानी निकलने दें।
स्नेक प्लांट और ज़ीज़ी पौधे के लिए ऐसी मिट्टी उपयोगी होती है जिसमें पानी आसानी से निकल सके। सामान्य गमले की मिट्टी में थोड़ा मोटा रेत या पौधों के लिए उपयुक्त छिद्रयुक्त पदार्थ मिलाया जा सकता है। अज़ेलिया को अम्लीय प्रकृति वाली मिट्टी पसंद होती है, इसलिए उसके लिए विशेष मिश्रण बेहतर है। बोनसाई के लिए मिट्टी का चुनाव उसकी प्रजाति और जड़ों की जरूरत के अनुसार करें।
पौधे को कमरे में कहाँ रखें?
पौधे को ऐसे कोने में रखें जहाँ पर्याप्त अप्रत्यक्ष रोशनी आती हो और हवा का हल्का आवागमन बना रहे। उसे लगातार चलने वाले वातानुकूलक, हीटर या गर्म हवा के निकास के पास न रखें। तापमान में अचानक बदलाव और बहुत शुष्क हवा पत्तियों को प्रभावित कर सकती है।
यदि कोने में बहुत कम उजाला है, तो पौधे को कुछ समय के लिए खिड़की के पास रखना उपयोगी हो सकता है। पौधे को बार-बार स्थानांतरित करने के बजाय उसकी प्रतिक्रिया देखें। पत्तियाँ पीली पड़ने, असामान्य रूप से लंबी होने या नई वृद्धि रुकने पर रोशनी, पानी और मिट्टी की स्थिति जाँचें। हर समस्या का कारण पानी की कमी ही नहीं होता।

कम मेहनत में सुंदरता बनाए रखें
पत्तियों पर जमा धूल पौधे को मिलने वाली रोशनी कम कर सकती है। मुलायम, हल्के नम कपड़े से बड़ी पत्तियों को धीरे-धीरे साफ करें। सूखी या पीली पत्तियों को साफ कैंची से हटाएँ और समय-समय पर पत्तियों के नीचे कीटों की जाँच करें। यदि मिट्टी में फफूँद दिखाई दे या उसमें लगातार दुर्गंध आए, तो पानी देने की मात्रा और निकासी की व्यवस्था पर ध्यान दें।
उर्वरक का उपयोग भी सीमित रखें। कम रोशनी में पौधों की वृद्धि धीमी होती है, इसलिए उन्हें अधिक खाद देने से लाभ के बजाय नुकसान हो सकता है। सक्रिय वृद्धि के समय पौधे की प्रजाति के अनुरूप खाद दें और निर्देशों से अधिक मात्रा न डालें।
खरीदने से पहले इन बातों पर ध्यान दें
पौधा खरीदते समय केवल उसके फूलों या चमकदार पत्तियों को देखकर निर्णय न लें। पत्तियों पर भूरे धब्बे, चिपचिपापन, जाले या कीटों के निशान देखें। मिट्टी में अत्यधिक नमी हो तो जड़ों की स्थिति के बारे में पूछें। यह भी पता करें कि पौधा घर के भीतर रखने के लिए उपयुक्त है या उसे बाहर की रोशनी और मौसम चाहिए।
यदि घर में पालतू पशु या छोटे बच्चे हैं, तो पौधे की विषाक्तता के बारे में भी जानकारी लें। स्नेक प्लांट और ज़ीज़ी पौधा चबाए जाने पर नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसलिए इन्हें उनकी पहुँच से दूर रखना समझदारी है।

निष्कर्ष
घर के किसी खाली कोने को हरा-भरा बनाने के लिए ऐसा पौधा चुनें जिसकी जरूरतें आपकी दिनचर्या और कमरे की परिस्थितियों से मेल खाती हों। कम रोशनी और अनियमित पानी के लिए स्नेक प्लांट तथा ज़ीज़ी पौधा व्यावहारिक विकल्प हैं। यदि आपको रंगीन फूल पसंद हैं, तो अज़ेलिया की जरूरतों को समझकर उसे उचित स्थान दें। बोनसाई चुनते समय भी उसकी प्रजाति की देखभाल संबंधी आवश्यकताओं को प्राथमिकता दें।
याद रखें कि कम देखभाल वाले पौधे का अर्थ बिना देखभाल वाला पौधा नहीं है। सही रोशनी, मिट्टी की नमी पर ध्यान और समय-समय पर पत्तियों की जाँच से आपका पौधा लंबे समय तक सुंदर बना रह सकता है।