पौधे

मुस्करी रंग

मुस्करी की खास खूबसूरती

मुस्करी, जिसे अंगूर जैसी फूलों की छोटी गुच्छेदार बनावट के कारण अंगूर पुष्प भी कहा जाता है, वसंत में बगीचे और गमले दोनों को आकर्षक रंग देता है।
इसके छोटे-छोटे फूल एक डंठल पर पास-पास लगे होते हैं और दूर से अंगूर के गुच्छे जैसे दिखाई देते हैं। गुलाबी, नीले, बैंगनी और सफेद रंगों वाली कुछ किस्में भी मिलती हैं।

कंद खरीदते समय ध्यान दें

रोपण की शुरुआत अच्छे कंदों से होती है। ऐसे कंद चुनें जो ठोस, भारी और बिना सड़न या नरम धब्बों के हों। सिकुड़े हुए, बहुत हल्के या फफूंद लगे कंदों से स्वस्थ पौधा निकलने की संभावना कम हो सकती है। अलग-अलग किस्मों के रंग और फूल आने का समय भी पहले देख लेना उपयोगी रहता है।

रोपने का सही मौसम

मुस्करी के कंद सामान्यतः ठंडे मौसम में लगाए जाते हैं, ताकि वे ठंडी अवधि का अनुभव करने के बाद वसंत में सक्रिय वृद्धि शुरू कर सकें। बहुत गर्म मौसम में लगाए गए कंदों को शुरुआत में कठिनाई हो सकती है। आपके क्षेत्र की सर्दी कितनी ठंडी रहती है, उसके अनुसार रोपण का समय थोड़ा बदल सकता है।

गमले का चुनाव कैसे करें

गमले में मुस्करी उगाने के लिए बहुत गहरे पात्र की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन चौड़ाई पर्याप्त होनी चाहिए ताकि कई कंद एक साथ लगाए जा सकें। गमले के नीचे पानी निकलने के छेद अनिवार्य हैं। सजावटी पात्र में केवल सुंदरता देखकर कंद न लगाएँ; जलनिकासी खराब होने पर मिट्टी में पानी रुक सकता है और कंद सड़ सकते हैं।

मिट्टी हल्की और भुरभुरी रखें

मुस्करी को ऐसी मिट्टी पसंद आती है जिसमें पानी आसानी से नीचे निकल सके। बगीचे की भारी और चिपचिपी मिट्टी को जैविक पदार्थ तथा जलनिकासी सुधारने वाली सामग्री के साथ हल्का किया जा सकता है। गमले में ऐसी मिश्रित मिट्टी रखें जो नमी बनाए रखे, लेकिन अतिरिक्त पानी को रोककर न बैठे।

कंद कितनी गहराई में लगाएँ

कंद को सामान्यतः उसकी ऊँचाई के लगभग दो से तीन गुना गहराई पर लगाने का तरीका उपयोगी रहता है। कंद का नुकीला भाग ऊपर रखें और जड़ वाला चौड़ा हिस्सा नीचे की ओर रहे। बहुत उथला रोपण कंद को तापमान के उतार-चढ़ाव के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकता है, जबकि अत्यधिक गहराई से निकलने में परेशानी हो सकती है।

कंदों के बीच दूरी रखें

गमले को फूलों से घना दिखाने के लिए कंदों को एक-दूसरे से बिल्कुल चिपकाकर न लगाएँ। उनके बीच कुछ सेंटीमीटर जगह रखें, ताकि नई पत्तियों और फूलों के डंठलों को फैलने की जगह मिले। कई कंदों को समूह में लगाने से वसंत में एक साथ फूल खिलने पर अधिक सुंदर दृश्य बन सकता है।

रोपने के बाद पानी कितना दें

कंद लगाने के बाद मिट्टी को अच्छी तरह नम करें, लेकिन पानी जमा न रहने दें। इसके बाद बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं होती, खासकर यदि मौसम ठंडा और मिट्टी पहले से नम हो। पानी देने से पहले ऊपरी परत को छूकर देखें। गीली मिट्टी में दोबारा पानी डालना कंदों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

धूप का सही स्थान चुनें

मुस्करी को पर्याप्त रोशनी वाला स्थान पसंद है। ऐसे गमले को चुनें जहाँ पौधे को अच्छी धूप मिले, जबकि बहुत गर्म मौसम में उसे अत्यधिक तीखी दोपहर की धूप से बचाने की आवश्यकता पड़ सकती है। पर्याप्त प्रकाश से पत्तियाँ और फूलों की डंठल बेहतर विकसित होती हैं और पौधा कमजोर तथा अत्यधिक लंबा होने से बचता है।

पहली पत्तियाँ देखकर घबराएँ नहीं

कंद लगाने के बाद पहले पत्तियाँ निकल सकती हैं और फूल बाद में दिखाई देते हैं। ठंडे मौसम में वृद्धि धीमी होना सामान्य है। मिट्टी को लगातार छेड़कर यह देखने की कोशिश न करें कि कंद बढ़ रहा है या नहीं। ऊपर से दिखाई देने वाली छोटी हरी पत्तियाँ इस बात का संकेत हो सकती हैं कि पौधा सक्रिय होना शुरू कर चुका है।

फूलों के समय देखभाल बदलें

जब फूलों की कलियाँ बनने लगें, तब पौधे को अचानक सूखने न दें। मिट्टी की नमी संतुलित रखें और गमले को बार-बार एक जगह से दूसरी जगह न ले जाएँ। फूलों के दौरान स्थिर स्थान पौधे को बिना अनावश्यक बदलाव के अपनी वृद्धि पूरी करने देता है।

मुरझाए फूलों को कब हटाएँ

फूल खिलने के बाद मुरझाए गुच्छों को हटाया जा सकता है, खासकर यदि आप चाहते हैं कि पौधा अपनी ऊर्जा बीज बनने में कम लगाए। हालांकि पत्तियों को तुरंत काटना उचित नहीं है। हरी पत्तियाँ प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से कंद के लिए ऊर्जा तैयार करती रहती हैं और अगले मौसम की वृद्धि में योगदान देती हैं।

पत्तियाँ पीली हों तो क्या करें

फूल समाप्त होने के बाद धीरे-धीरे पत्तियों का पीला पड़ना स्वाभाविक हो सकता है। उन्हें तब तक न काटें जब तक वे खुद सूखने न लगें। पूरी तरह सूखने के बाद ही उन्हें हटाएँ। यदि पत्तियाँ फूल आने से पहले ही पीली, नरम या सड़ी हुई दिखाई दें, तो अत्यधिक नमी और खराब जलनिकासी की जाँच करें।

अगले साल फिर फूल पाने की तैयारी

मुस्करी की खूबसूरती का एक लाभ यह है कि उपयुक्त परिस्थितियों में कंद कई मौसमों तक बढ़ सकते हैं। फूलों के बाद पत्तियों को प्राकृतिक रूप से सूखने दें, पानी धीरे-धीरे कम करें और कंदों को अनावश्यक रूप से न खोदें। यदि गमले में बहुत अधिक भीड़ हो जाए, तो सुप्त अवधि में कंदों को अलग करके दोबारा व्यवस्थित किया जा सकता है।

छोटे गमले में बड़ा वसंत दृश्य

मुस्करी के लिए महंगे साधनों से अधिक जरूरी है सही कंद, अच्छी जलनिकासी, उचित रोपण गहराई और पर्याप्त रोशनी। नीले या बैंगनी फूलों वाले कंदों को सफेद या हल्के रंग के मौसमी पौधों के साथ लगाकर गमले में रंगों का सुंदर मेल बनाया जा सकता है। सही शुरुआत करने पर छोटे-से पात्र में भी वसंत आते ही फूलों का घना और आकर्षक गुच्छा तैयार हो सकता है।

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